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Showing posts from May, 2021

ब्रज भाषा का परिचय एवं विकास

  ब्रजभाषा  हिन्दी  की एक  उपभाषा  है जो  पश्चिमी उत्तर प्रदेश  एवं  उत्तराखंड  में बोली जाती है। इसके अलावा यह भाषा  हरियाणा ,  राजस्थान  और  मध्यप्रदेश  के कुछ जनपदों में भी बोली जाती है। अन्य भारतीय भाषाओं की तरह ये भी  संस्कृत  से जन्मी है। इस भाषा में प्रचुर मात्रा में साहित्य उपलब्ध है। भारतीय भक्ति काल में यह भाषा प्रमुख रही। विक्रम की १३वीं शताब्दी से लेकर २०वीं शताब्दी तक  ब्रजभाषा  भारत के मध्यदेश की मुख्य साहित्यिक भाषा एवं साथ ही साथ समस्त भारत की साहित्यिक भाषा थी। विभिन्न स्थानीय भाषाई समन्वय के साथ समस्त भारत में विस्तृत रूप से प्रयुक्त होने वाली  हिन्दी  का पूर्व रूप यह ‘ब्रजभाषा‘ अपने विशुद्ध रूप में आज भी  आगरा ,  धौलपुर ,  मथुरा  और  अलीगढ़  जिलों में बोली जाती है जिसे हम 'केन्द्रीय ब्रजभाषा' भी कह सकते हैं। १९वीं शताब्दी में हिन्दी/हिन्दुस्तानी के आने के पहले ब्रजभाषा और  अवधी  ही उत्तर-मध्य भारत की दो प्रमुख साहित्यिक भाषाएँ थीं...

हिंदी भाषा का स्वरूप तथा विकास

हिन्दी  जिसके मानकीकृत रूप को  मानक हिंदी  कहा जाता है, विश्व की एक प्रमुख  भाषा  है एवं  भारत  की एक  राजभाषा  है। केन्द्रीय स्तर पर  भारत  में सह- आधिकारिक  भाषा  अंग्रेजी  है। यह  हिन्दुस्तानी भाषा  की एक मानकीकृत रूप है जिसमें  संस्कृत  के  तत्सम  तथा  तद्भव  शब्दों का प्रयोग अधिक है और अरबी-फ़ारसी शब्द कम हैं। हिन्दी  संवैधानिक  रूप से  भारत  की  राजभाषा  और भारत की सबसे अधिक बोली और समझी जाने वाली  भाषा  है। हिन्दी  भारत  की  राष्ट्रभाषा  नहीं है क्योंकि  भारत के संविधान  में किसी भी भाषा को ऐसा दर्जा नहीं दिया गया है। एथनोलॉग  के अनुसार:--  हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है। विश्व आर्थिक मंच  की गणना के अनुसार :-- यह विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है। हिन्दी शब्द का सम्बन्ध  संस्कृत  शब्द 'सिन्धु' से माना जाता है। 'सिन्धु'  सिन्धु  नदी को क...